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ब्रिक्स की सफलता पर सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी को दी बधाई

Kavita2
13 Sept 2026 12:48 PM IST
ब्रिक्स की सफलता पर सम्राट चौधरी ने पीएम मोदी को दी बधाई
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पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बधाई दी है। उन्होंने सम्मेलन में सभी सदस्य देशों के बीच ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ पर बनी सहमति को भारत के बढ़ते कूटनीतिक प्रभाव की बड़ी उपलब्धि बताया। मुख्यमंत्री ने बिहार के पारंपरिक खाद्य पदार्थ सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने के लिए भी प्रधानमंत्री का विशेष आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया एक शक्तिशाली और आत्मविश्वासी भारत का उदय देख रही है। वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में भारत साझा समस्याओं के समाधान प्रस्तुत करने और विश्व समुदाय को नई दिशा देने वाली बड़ी शक्ति के रूप में सामने आया है।

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल आयोजन भारत की संगठनात्मक क्षमता और वैश्विक नेतृत्व को प्रदर्शित करता है। सदस्य देशों के बीच विभिन्न विषयों पर सहमति बनाना आसान कार्य नहीं था, लेकिन भारत की अध्यक्षता में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाना एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक सफलता है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि घोषणापत्र पर बनी सहमति यह साबित करती है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बात गंभीरता से सुनी जा रही है। अलग-अलग राष्ट्रीय हितों और प्राथमिकताओं वाले देशों को साझा दस्तावेज पर एक साथ लाना प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भारत की प्रभावी कूटनीति का परिणाम है।

मुख्यमंत्री के अनुसार ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने यह संदेश दिया है कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत केवल अपने हितों की बात नहीं कर रहा, बल्कि दुनिया की साझा चुनौतियों के लिए सहयोग आधारित समाधान भी प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत संवाद, साझेदारी और सहमति के माध्यम से आगे बढ़ने में विश्वास रखता है।

सम्राट चौधरी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री मोदी को सम्मेलन की ऐतिहासिक सफलता के लिए हार्दिक बधाई और धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन ने देश की प्रतिष्ठा को और मजबूत किया है। वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है और दुनिया के प्रमुख देश भारत के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।

मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली घोषणापत्र को सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि सभी सदस्य देशों का इस दस्तावेज पर सहमत होना भारत की संतुलित और दूरदर्शी विदेश नीति को दर्शाता है। इससे वैश्विक सहयोग को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच आपसी विश्वास बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

बयान में उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की बड़ी शक्तियों के बीच अपनी स्वतंत्र और प्रभावशाली पहचान बना चुका है। वैश्विक अनिश्चितताओं, आर्थिक चुनौतियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय समीकरणों के बीच भारत की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश साझा समाधान प्रस्तुत करने की क्षमता के साथ आगे बढ़ रहा है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि ब्रिक्स जैसे मंच विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज को मजबूत करते हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों को साथ लाकर सहयोग का संदेश दिया है। सम्मेलन में बनी सहमति वैश्विक स्तर पर भारत की स्वीकार्यता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बिहार के पारंपरिक खाद्य उत्पाद सत्तू और मखाना को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वैश्विक मंच पर बिहार की सांस्कृतिक और खाद्य विरासत को सम्मान दिलाया है। इसके लिए प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया जाना चाहिए।

सत्तू बिहार की पारंपरिक खाद्य संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह आम लोगों के दैनिक भोजन से जुड़ा हुआ है और लंबे समय से प्रदेश की पहचान रहा है। इसी तरह मखाना बिहार के प्रमुख कृषि उत्पादों में शामिल है और राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा किसानों की आजीविका से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पारंपरिक खाद्य पदार्थों का ब्रिक्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर उल्लेख और प्रस्तुति होना बिहार के लिए गर्व की बात है। इससे दुनिया के विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधियों को प्रदेश के खाद्य उत्पादों और सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर मिला।

सत्तू और मखाना की वैश्विक पहचान बढ़ने से इन उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रयासों को बिहार के किसानों, उत्पादकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में इस प्रकार के प्रयास प्रभावी साबित हो सकते हैं।

मखाना उत्पादन से जुड़े किसानों और कारोबारियों के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वैश्विक मंच पर मखाना की विशेषता सामने आने से इसकी मांग और बाजार का दायरा बढ़ने की संभावनाएं बन सकती हैं। इसी तरह सत्तू को पारंपरिक और विशिष्ट भारतीय खाद्य उत्पाद के रूप में नई पहचान मिल सकती है।

सम्राट चौधरी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंचों पर प्रस्तुत करने से प्रदेश की संस्कृति और अर्थव्यवस्था दोनों को लाभ मिलता है। बिहार के सत्तू और मखाना का उल्लेख केवल खाद्य पदार्थ के रूप में नहीं बल्कि राज्य की परंपरा, कृषि और मेहनतकश लोगों की पहचान के रूप में देखा जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी की उस सोच की सराहना की जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों के स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इससे छोटे उत्पादकों और किसानों को बड़े बाजारों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान बिहार के पारंपरिक उत्पादों को मिली पहचान ने प्रदेश के लोगों का गौरव बढ़ाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्तू और मखाना आज केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनकी विशेषता दुनिया के सामने पहुंच रही है। इससे राज्य की सकारात्मक छवि को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए केंद्र सरकार और इससे जुड़े सभी अधिकारियों को भी बधाई दी। सम्राट चौधरी ने कहा कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफलतापूर्वक आयोजन करना भारत की क्षमता और तैयारियों को प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री के अनुसार 18वें ब्रिक्स सम्मेलन ने वैश्विक राजनीति और कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित किया है। नई दिल्ली घोषणापत्र पर बनी सहमति से यह संकेत मिला है कि सदस्य देश भारत की ओर से प्रस्तुत सहयोग और साझेदारी की दिशा के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं।

सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए संवाद और साझा जिम्मेदारी की बात कर रहा है। यह दृष्टिकोण भारत को दुनिया की एक जिम्मेदार और प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि ब्रिक्स सम्मेलन में बनी सहमति आगे सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगी। इसके साथ भारत का कूटनीतिक प्रभाव और वैश्विक नेतृत्व भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सम्मेलन की सफलता देश के प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

अपने बयान के अंत में सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दोबारा बधाई देते हुए कहा कि नई दिल्ली घोषणापत्र पर सर्वसम्मति और बिहार के सत्तू-मखाना को वैश्विक पहचान मिलना इस सम्मेलन की विशेष उपलब्धियां हैं। उन्होंने इसे शक्तिशाली भारत के उदय और बिहार की परंपराओं को दुनिया तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण अवसर बताया।

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